आज की कक्षा में हमें एक टॉपिक के बारे में बताया गया, जिसका नाम माई फैमिली एंड अदर एनिमल्स था। यह पुस्तक प्रकृतिवादी जेराल्ड ड्यूरल के बचपन के पाँच वर्षों का आत्मकथात्मक वर्णन है। कहानी की शुरुआत में उनकी उम्र 10 वर्ष थी। इसमें उनके परिवार, पालतू जानवरों और कोर्फू द्वीप पर बिताए गए उनके जीवन का वर्णन है।
इस पुस्तक को तीन भागों में विभाजित किया गया है, जो द्वीप पर स्थित उन तीन घरों को दर्शाते हैं, जहाँ परिवार रहता था। इस आत्मकथा में जानवरों में पाई जाने वाली शांति, मासूमियत और ईमानदारी को उजागर किया गया है और उनकी तुलना मनुष्यों की कमियों से की गई है। जानवर संतुष्ट रहते हैं, शिकायत नहीं करते और प्रकृति के साथ सामंजस्य में रहते हैं। लेखक जानवरों में लालच और ईर्ष्या के अभाव की प्रशंसा करता है।
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शिवानी सिंह
कक्षा 6
