प्रिया पाल (7th)
द रोज़ बीटल मैन का आशय है गुलाब के रंग वाला आदमी या गुलाब के भृंग बेचने वाला व्यक्ति। यह चरित्र जेराल्ड ड्यूरेल की किताब “My Family and Other Animals” का एक अजीबोगरीब पात्र है, जो अजीबोगरीब कपड़े पहनता है और बोलता नहीं, लेकिन बाँसुरी बजाता है तथा जानवरों को पालतू बनाकर उन्हें बेचता है। यह हमें जानवरों एवं प्रकृति को क़रीब से जानने एवं समझने का एक सुनहरा मौका देता है।
अंशिका वर्मा (7th)
आज के सेशन में जेराल्ड ड्यूरेल की पुस्तक “My Family and Other Animals” के पाठ “The Rose Beetle Man” के अंतर्गत जेराल्ड अपने कुत्ते के साथ रोज़ कोर्फू नामक गाँव में घूमने जाते हैं। वहाँ वह एक अजीबोगरीब व्यक्ति से मिलते हैं, जिसे वे रोज़ बीटल मैन कहते हैं। वह आदमी बाँसुरी बजाता है, अजीबोगरीब कपड़े पहनता है और उसके पास कई जानवर जैसे कछुआ, कबूतर आदि होते हैं। वह जानवरों को पालतू बनाता और उन्हें बेचने का काम करता था।
इससे हमें यह सीख मिलती है कि जानवरों की जिम्मेदारी लेना कितना ज़रूरी है। इससे प्रकृति और जीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है। जानवरों के भी अपने अनुभव और भावनाएँ होती हैं। इससे जानवरों के प्रति दया भाव सीखने को मिलता है। प्रकृति और जीवन को प्यार, सम्मान और देखभाल की आवश्यकता होती है। साथ ही इससे जिम्मेदारी का भाव भी बढ़ता है। जब हम किसी जीव को अपने घर लाते हैं, तो उसकी सुरक्षा और देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी होती है। जिज्ञासा एवं अवलोकन शक्ति बढ़ती है और प्रकृति को क़रीब से देखने व समझने का ज्ञान बढ़ता है। विविधता और विभिन्नता के प्रति प्रेम विकसित होता है।
गुलाबी, शिक्षिका,सनबीम ग्रामीण स्कूल
