Friday, 13 June 2025

खुशी बांटने का हुनर - Rubal Kaur

 

दूसरों की खुशी में अपनी खुशी देखना एक बहुत बड़ा हुनर है और जो इंसान यह हुनर सीख जाता है, वह कभी भी दुखी नहीं होता। दूसरों की खुशी के लिए हम बहुत कुछ कर सकते हैं। किसी की मदद करके हम दूसरों को खुश कर सकते हैं। जब तक हम उनके साथ होते हैं, उनका हौसला बना रहता है और उन्हें सहारा भी मिलता है, तो वे बहुत खुश होते हैं।

बड़ों को कैसे खुश कर सकते हैं: बड़ों का सम्मान करके, उनकी बातों को सुनकर और उनकी छोटी-छोटी खुशियों का ध्यान रखकर। बड़े जब हमें कुछ बोलते हैं, तो हमें उनकी बातों का बुरा नहीं मानना चाहिए। उनकी बातों को समझना चाहिए। जब बड़े हमें डांटते हैं, तो वह हमारी भलाई के लिए ही डांटते हैं। हमें उन्हें गलत नहीं समझना चाहिए और उल्टा जवाब नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे उनका मान सम्मान ठेस पहुँच सकता है। किसी को खुश करने की कोशिश करना उनके मुश्किल समय में सहानुभूति और समर्थन दिखाने का एक तरीका है।

— रुबल कौर

मुस्कान बाँटने का सुख: खुशियाँ देना ही सच्ची खुशी है - Swati

 

दूसरों को खुशियाँ देना एक बहुत ही beautiful feeling होती है। जब हम किसी और को smile देते हैं, मदद करते हैं, या उनके दुःख में साथ देते हैं — उन्हें ही खुशी नहीं होती, बल्कि हम खुद भी अंदर से happy महसूस करते हैं।

हमारी छोटी-छोटी बातें, जैसे किसी की तारीफ़ करना, किसी का सहारा बनना, या सिर्फ़ किसी की बातों को ध्यान से सुनना — ऐसा करने से भी दूसरे इंसान को खुशी मिलती है। ऐसा करने से हम किसी का दिन bright बना सकते हैं। ऐसे society में positive energy फैलती है और हम सब का जीवन और बेहतर बनता है। दूसरों को खुश करने के लिए बहुत बड़ी चीज़ों की ज़रूरत नहीं होती। एक thank you, एक प्यारी सी smile या एक helping hand भी मायने रखता है। इस पाठ से सीख मिलती है कि —

  • सच्ची खुशी बाँटने में है। जो हम दूसरों को देंगे, वही हमें वापस मिलेगा। और इस दुनिया को अच्छा बनाने का सबसे आसान तरीका है — किसी के face पर एक छोटी सी smile ले आना।

जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो असल में हम अपने मन को भी peaceful और joyful बनाते हैं। इसलिए हमें हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि हम दूसरों की मदद करें, प्यार दें, और positive सोच फैलाएँ। यही एक अच्छा समाज और अच्छा इंसान बनाता है।

"The biggest service is bringing a smile to someone's face." 😊

Swati

Reflections Since 2021