जीवन का लक्ष्य केवल अपने लिए सफलता या धन कमाना ही नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसा होना चाहिए जिससे समाज, परिवार और देश का भी भला हो। सही लक्ष्य वही है जो हमें संतोष और दूसरों को खुशी दे। हर व्यक्ति के जीवन में लक्ष्य होना चाहिए, क्योंकि यही लक्ष्य हमारी मेहनत को सार्थक बनाता है और जीवन को अर्थपूर्ण दिशा देता है। लक्ष्य हमें यह एहसास दिलाता है कि हम कौन हैं और हमें क्या बनना है। यह हमारी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें सही दिशा देने का साधन है। बिना लक्ष्य के हम चाहे कितनी ही ऊर्जा लगाएं, परिणाम अधूरे और बिखरे हुए ही मिलेंगे। जैसे कोई तीर बिना निशाने के छोड़ा जाए, वह कभी लक्ष्य पर नहीं लगेगा।
लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए संघर्ष अनिवार्य है। यदि सब सरल हो तो उसकी प्राप्ति का महत्व भी कम हो जाता है। संघर्ष ही हमें मेहनती, धैर्यवान और आत्मविश्वासी बनाता है। ठोकर हमें गिराने के लिए नहीं, बल्कि संभालना सिखाने के लिए होती है। हर असफलता यह बताती है कि हमने कहां कमी की और अगली बार कैसे और बेहतर किया जा सकता है।
लक्ष्य केवल सपनों से पूरे नहीं होते। उन्हें पाने के लिए कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है। अनुशासन वह कुंजी है, जो हर बंद दरवाजे को खोल सकती है। यदि हम समय का सम्मान करेंगे और निरंतरता बनाए रखेंगे, तो बड़ी से बड़ी मंज़िल भी सुलभ हो जाएगी।
साक्षी खन्ना, Arthur Foot Academy
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