"लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन वही रास्ता हमें मजबूत बनाता है।"
मैं अपने मन से लक्ष्य पर विचार करूं तो लक्ष्य मेरे लिए सिर्फ कोई मंज़िल नहीं है, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला दीपक है। लक्ष्य वह शक्ति है जो हमें हर कठिनाई के बावजूद आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। जब मन थकने लगता है, हिम्मत डगमगाने लगती है, तब हमें लक्ष्य रास्ता दिखाता है कि हमने यह रास्ता क्यों चुना है। लक्ष्य का मतलब ऊँचाइयां छूना ही नहीं है, बल्कि सफ़र को अर्थ देना है।
"बिना लक्ष्य के जीवन ऐसा है, जैसे बिना दिशा की नाव – जो लहरों के भरोसे कहीं भी बह जाती है।"
मेरी नज़र में लक्ष्य हमें अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास सिखाता है। यह हमारी क्षमताओं को परखता है और हमें खुद को बेहतर बनाने का अवसर देता है। लक्ष्य तभी सच होते हैं जब वे हमारे अंदर की सच्ची चाहत से जुड़े हों, न कि किसी और की उम्मीदों या दिखावे से। जब लक्ष्य हमारे मन से आता है, तब मुश्किलें भी सिर्फ़ रास्ते की परीक्षा लगती हैं और हम हर परीक्षा में और बेहतर बनते जाते हैं।
लक्ष्य तय करना एक साहसी कदम है, क्योंकि यह हमें आलस और कमजोरियों के सामने झुकने नहीं देता। यह हमें अपनी कमजोरियों को पहचानने का मौका देता है। कभी-कभी लक्ष्य बड़ा होने पर डर भी लगता है, पर उस समय याद रखना चाहिए कि लक्ष्य छोटे-छोटे कदमों का समूह होता है, जो हमें मंज़िल की ओर ले जाता है।
"लक्ष्य वह नहीं जो हमें दूर खड़ा दिखे, लक्ष्य वह है जो हमें हर रोज़ सुबह काम करने का बहाना दे।"
- Swati, Arthur Foot Academy
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